भगवान धन्वन्तरि धाम रिसर्च इंस्टिट्यूट ट्रस्ट की नियमावली

सूर्य: लोकहिताय तपति

नियम 1: भगवान धन्वन्तरि धाम रिसर्च इंस्टिट्यूट की स्थापना 4 मार्च 2022 को समाज के उच्च पदस्थ से लेकर अंतिम व्यक्ति तक तीव्र आर्थिक/शैक्षिक/न्यायिक/सामाजिक राहत पहुंचाने के लिए हुई है। शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, सिंचाई विभाग, जल निगम विभाग, राजस्व विभाग, ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग, परिवहन विभाग, रेल विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, विद्युत विभाग, बैंक, पुलिस, होमगार्ड, कलेक्ट्रेट विभाग इत्यादि अन्य समस्त विभागों के सरकारी/संविदा/आउटसोर्सिंग कर्मचारी अधिकारी संस्थान की सदस्यता ले सकते हैं। वित्तविहीन विद्यालय/कॉलेज/ शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं प्रबंधक संस्थान की सदस्यता ले सकते हैं। प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत समस्त कर्मचारी, अधिकारी, एडवोकेट, मीडियाकर्मी, प्रबंधक, डॉक्टर, इंजीनियर, नर्स संस्थान की सदस्यता ले सकते हैं। किसान, मजदूर, व्यवसाई, कारीगर, गृहिणी, छात्र छात्राएं संस्थान की सदस्यता ले सकते हैं। संस्थान व्यवसाय-पेशा की भावना से ऊपर उठकर आर्थिक मदद कराता है। संस्थान की सदस्यता हेतु प्रदेश का स्थाई निवासी होना या उत्तर प्रदेश में सरकारी/प्राइवेट किसी पद पर कार्यरत होना अनिवार्य है। सदस्यता प्राप्त करने की उम्रसीमा 18 वर्ष से लेकर 55 वर्ष तक रहेगा जबकि एक बार सदस्य बन जाने के उपरांत 60 वर्ष उम्र तक सदस्यता बनाए रखने की अनुमति है। सदस्यों की 60 वर्ष उम्र पूरा होते ही स्वतः सदस्यता समाप्त हो जाएगी। समस्त नियमों व शर्तों के अनुसार Bhagwan Dhanvantari Dham Research Institute वेबसाइट के माध्यम से रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरके सदस्यता लिया जा सकता है। समस्त सदस्यों को वार्षिक स्वेच्छापूर्वक भगवान धन्वन्तरि धाम रिसर्च इंस्टिट्यूट ट्रस्ट को दान देना अनिवार्य है।
नियम 1(A): आज दिनांक 10/02/2025 से संस्थान में सदस्यता प्राप्त करने की उम्र सीमा न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 60 वर्ष किया जा रहा है, जबकि एक बार सदस्य बन जाने के उपरांत 60 वर्ष उम्र तक सदस्यता बनाए रखने की अनुमति दी जा रही है। सदस्यों की 60 वर्ष उम्र पूरा होते ही स्वतः सदस्यता समाप्त हो जाएगी।
नियम 2: हर वर्ष ट्रस्ट को दान राशि वार्षिक दान देने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अर्थात संस्थान की वैधानिक सदस्यता बनाए रखने के लिए ट्रस्ट को वार्षिक दान दिए हुए 1 वर्ष पूरे होने के बाद 15 दिन के अंदर वार्षिक दान देकर अपने प्रोफाइल में ट्रांजेक्शन स्क्रीन शॉट अपलोड करना अनिवार्य होगा।
नियम 3: सूचनाओं के आदान प्रदान हेतु आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप/टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ कर सूचनाओं से अपडेट रहना होगा। सूचना के अभाव में यदि आपके वैधानिकता पर कोई प्रभाव पड़ा तो उसके जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।
नियम 4: यदि संस्थान के किसी वैधानिक सदस्य की असामयिक दुखद निधन हो जाती है तो धन्वन्तरि परिवार से जुड़े शेष अन्य सभी सदस्य संस्थापक मंडल द्वारा नियमानुसार आधिकारिक आह्वान पर निर्धारित न्यूनतम धनराशि सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के बैंक खाते में आर्थिक सहयोग भेजेंगे। आर्थिक सहयोग भेजकर वेबसाइट पर ट्रांजेक्शन डिटेल्स भरते हुए ट्रांजेक्शन रसीद अपलोड करना भी अनिवार्य है। वर्तमान में आर्थिक सहयोग प्रति सदस्य न्यूनतम 50 रूपए निर्धारित किया जा रहा है। सदस्य संख्या के अनुसार प्रति सदस्य न्यूनतम धनराशि घटाने का अधिकार संस्थापक मंडल के पास सुरक्षित रहेगा।
नियम 5: समस्त सदस्यों की लॉक इन पीरियड 8 माह रहेगा। लॉक इन पीरियड में जारी समस्त सहयोग करना अनिवार्य है। लॉक इन पीरियड 8 माह से तात्पर्य है कि यदि कोई सदस्य 1 जनवरी को नियमानुसार रजिस्ट्रेशन किया, यदि उसी वर्ष उसकी मृत्यु 30 अगस्त की रात 12 बजे से पूर्व तक हो जाती है तो उसके नॉमिनी को सहयोग प्राप्त नहीं होगा।
(A) 12 Oct 2025 से सदस्यता लेने वाले सदस्यों के लिए लॉक इन पीरियड 10 माह किया जा रहा है। लॉक इन पीरियड में जारी समस्त सहयोग करना अनिवार्य है।
नियम 6: वैधानिक सदस्यता के लिए लॉक इन पीरियड तक के समस्त सहयोग करना अनिवार्य है एवं लॉक इन पीरियड के बाद कुल 90% सहयोग करना अनिवार्य है। सदस्यता से लेकर मृत्यु तिथि तक 2 वर्ष से अधिक समयांतराल की स्थिति में मृत्यु की तिथि से 2 वर्ष पूर्व के बीच हुए कुल सहयोग का 90% सहयोग होना चाहिए।
नियम 7: संस्थान द्वारा सदस्यों की सुविधा हेतु हेल्पलाइन नंबर 8954667186 जारी किया गया है, जिस पर कॉल/व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से जानकारी का आदान प्रदान किया जा सकता है एवं तकनीकी सहायता प्राप्त किया जा सकता है।
नियम 8: संस्थापक मंडल वैधानिकता या किसी भी प्रकार के मामलों में जहां उचित समझेंगे अपने स्तर से परीक्षण करने व निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होंगे। कोई भी सदस्य/नॉमिनी आर्थिक सहयोग प्राप्त करने हेतु कानूनी दावा नहीं कर सकेगा, बल्कि टीम द्वारा वैधानिकता के संबंध में लिए गए निर्णय के आधार पर नैतिक रूप से आर्थिक सहयोग कराने का प्रयास किया जाएगा।
नियम 9: सहयोग के दौरान या उसके बाद यदि किसी सदस्य द्वारा गलती से अधिक राशि किसी सहयोग हो रहे/हो चुके नॉमिनी के खाते में भेज दिया तो उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर नॉमिनी द्वारा वो धनराशि सीधे उस सदस्य के खाते में वापस करना पड़ेगा। गलती से भेजी हुई धनराशि को वापस कराने की गारंटी टीम नही लेगी किन्तु वापस करवाने हेतु सार्थक और पूर्ण प्रयास करेगी।
नियम 10: यदि किसी सदस्य द्वारा सदस्य बनने के बाद सहयोग नहीं किया गया या कुछ महीने/वर्षों सहयोग करने के बाद 1 या 1 से अधिक सहयोग छोड़ दिया, परिणामस्वरूप 90% सहयोग के दायरे में भी नहीं आता है या अवैधानिक हो जाता है, ऐसे स्थिति में लगातार 8 माह सहयोग करके और 8 माह का समय पूरा करके पुनः वैधानिक सदस्यता प्राप्त कर सकता है।
नियम 11: सदस्य द्वारा आत्महत्या की स्थिति में कोई आर्थिक सहयोग हेतु अपील नहीं की जाएगी। आत्महत्या के अलावा सभी तरह के मृत्यु पर आर्थिक सहयोग की अपील की जाएगी।
नियम 12: यदि सदस्य द्वारा बनाए गए नॉमिनी ने ही खुद सदस्य की हत्या की है तो ऐसे नॉमिनी को आर्थिक मदद नहीं किया जायेगा। ऐसे परिस्थिति में आवश्यकता पड़ने पर अपने स्वविवेक से संस्थापक मंडल दिवंगत सदस्य के यथोचित नॉमिनी का चयन करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
नियम 13: संस्थान सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के खाते में आर्थिक सहयोग करवाती है इसलिए सहयोग प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार की न्यायिक चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं होगा।
नियम 14: कोई भी सदस्य संस्थान के खिलाफ दुष्प्रचार या अफवाह फैलाता है, बिना साक्ष्य या आकड़े प्रस्तुत किए आरोप लगाता है तो टीम उसकी सदस्यता रद्द करने व विधिक कार्यवाही हेतु स्वतंत्र होगी।
नियम 15: धन्वन्तरि परिवार के किसी पदाधिकारी के साथ कोई सदस्य अभद्र व्यवहार करते हुए या संस्थान विरोधी गतिविधि में लिप्त पाया गया तो पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उक्त सदस्य की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।
नियम 16: यदि धन्वन्तरि धाम का कोई वैधानिक सदस्य अपनी उम्र सीमा 65 वर्ष आयु सफलतापूर्वक पूरा कर लेता है और इस कारण से उसकी संस्थान की सदस्यता स्वतः समाप्त होती है तो उक्त सदस्य की 65 वर्ष उम्र के बाद जब भी (उम्र की कोई बाध्यता नहीं) दुखद निधन होता है तो ट्रस्ट के खाते से कुछ रूपए उक्त के नॉमिनी को अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाएगा।

सूर्य: लोकहिताय तपति

“किसी भी निर्णय की स्थिति में वेबसाइट पर अपलोड नियमावली की प्रति ही मान्य होगी।”

नोट:

  • 1. भविष्य में संस्थान के वैधानिक सदस्यों के लिए मार्ग दुर्घटना व गंभीर बीमारी के इलाज हेतु योजना और नियम बनाया जाएगा।
  • 2. भविष्य में छात्रों के लिए उच्च शिक्षा / तकनीकी शिक्षा / सिविल सर्विसेज की पढ़ाई हेतु योजना और नियम बनाया जाएगा।

बेटी विवाह शगुन योजना की नियमावली

नियम 1: 12 अक्टूबर 2025 से "बेटी विवाह शगुन योजना" का शुभारंभ किया जा रहा है।
  • (A) संस्थान की सदस्यता लेने वाले सदस्यों के लिए लॉक-इन पीरियड 2 वर्ष किया जा रहा है। "बेटी विवाह शगुन योजना" में पात्रता के लिए लॉक-इन पीरियड सिर्फ सदस्य का पूरा होना अनिवार्य है। बेटी का लॉक-इन पीरियड पूरा होना आवश्यक नहीं है।
  • (B) 12 अक्टूबर 2025 से सदस्यता लेने वाले सदस्यों के लिए लॉक-इन पीरियड 4 वर्ष किया जा रहा है।
  • (C) दिनांक 12/10/25 से सदस्यता लेने वाले सदस्यों के लिए लॉक-इन पीरियड 4 वर्ष किया गया था।
नियम 2: सदस्य द्वारा सदस्यता तिथि से बेटी विवाह शगुन योजना हेतु आवेदन की तिथि तक इस योजना में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है। यदि 90% सहयोग नहीं किया गया तो आवेदन हेतु पात्र नहीं होगा।
नियम 3: इस योजना में पात्रता हेतु दिवंगत सदस्य के परिवार को सहयोग मामले में भी वैधानिक होना अनिवार्य है। केवल वैधानिक सदस्य ही बेटी विवाह शगुन योजना में पात्र होंगे।
नियम 4: बेटी विवाह शगुन योजना में लाभ प्राप्त करने वाले सदस्य को अगले 10 वर्षों तक इस योजना में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो वह सदस्य अन्य सभी आर्थिक योजनाओं में स्वतः अपात्र हो जाएगा।
नियम 5: सदस्य की अधिकतम 2 जैविक पुत्रियाँ ही बेटी विवाह शगुन योजना में आर्थिक सहायता हेतु पात्र हैं।
नियम 6: आवेदन हेतु जिस बेटी के विवाह में सहायता चाहिए, वह बेटी स्वयं संस्थान की सदस्य होनी चाहिए। इससे बाल विवाह पर भी रोक लगेगी।
  • (A) यदि सदस्य की बेटी की उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, तो उसका सदस्य बनना और 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है।
  • (B) यदि बेटी की उम्र सदस्यता लेते समय 18 वर्ष नहीं है, तो 18 वर्ष पूरा होते ही सदस्य बनना व 90% सहयोग करना अनिवार्य है।
नियम 7: इस योजना में प्रति सदस्य अधिकतम ₹11 तक का आर्थिक सहयोग निर्धारित है। परिस्थिति अनुसार राशि घटाई जा सकती है।
नियम 8: यदि कोई सदस्य बेटी विवाह शगुन योजना में आर्थिक सहयोग नहीं करता है, तो उसकी वैधानिकता प्रभावित नहीं होगी। लेकिन दिवंगत सदस्य के परिवार को आर्थिक सहयोग करना अनिवार्य रहेगा।
नियम 9: संस्थान सीधे बेटी के पिता के खाते में सहयोग करवाती है। इस योजना में सहयोग प्राप्त करने का अधिकार केवल नैतिक है — कोई न्यायिक या कानूनी दावा नहीं किया जा सकता।
नियम 10: बेटी विवाह शगुन योजना में विवाह तिथि से कम से कम 35 दिन पूर्व आवेदन करना अनिवार्य है ताकि सत्यापन और सहायता प्रक्रिया के लिए पर्याप्त समय रहे।
  • (A) यह नियम 22 अप्रैल 2025 से लागू है।
नियम 11: यदि बेटी के माता-पिता दोनों जीवित नहीं हैं, तो बेटी का जैविक भाई स्वयं संस्थान में रजिस्ट्रेशन कर सकता है और निर्धारित लॉक-इन पीरियड पूरा करने व 90% अवसरों पर सहयोग करने के बाद अपनी बहन के विवाह में सहायता हेतु पात्र होगा।

इस स्थिति में जैविक संबंध व माता-पिता के निधन का प्रमाण देना अनिवार्य है। यह नियम दिनांक 12/10/25 से लागू है।

  • (A) बेटी विवाह शगुन योजना" में आर्थिक सहयोग प्राप्त करने के लिए विवाह तिथि से 35 दिन पूर्व आवेदन करना अनिवार्य है। यह नियम 22 अप्रैल 2025 से लागू है।